Skeletal System (कंकाल तंत्र) in hindi

Skeletal System (कंकाल तंत्र ) in hindi के इस Article  में आपको कंकाल तंत्र का सामान्य परिचय ,कंकाल तंत्र के प्रकार (types of skeletal system), मानव कंकाल तंत्र (human skeletal system), मानव कंकाल तंत्र के प्रकार , अक्षीय कंकाल (Axial skeletal), उपांगीय कंकाल (Appendicular skeletal) ,संधियाँ (joints) आदि के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी जाएगी। 
Skeletal System in hindi, kankal tantra in hindi, skeletal in hindi, kankal in hindi, types of skeletal system, human skeletal system, types of kankal , Skeletal System in hindi meaning, कंकाल तंत्र का सामान्य परिचय ,कंकाल तंत्र के प्रकार (types of skeletal system), मानव कंकाल तंत्र (human skeletal system), मानव कंकाल तंत्र के प्रकार , अक्षीय कंकाल (Axial skeletal), उपांगीय कंकाल (Appendicular skeletal) ,संधियाँ (joints)
Skeletal System (कंकाल तंत्र) in hindi 


Introduction of Skeletal System कंकाल तंत्र का परिचय 



  • कंकाल तंत्र हमारे शरीर का ढांचा तैयार करता है। 
  • यह हमारे शरीर की ऐच्छिक गतिविधियों को नियंत्रित करता है।  
  • कंकाल तंत्र का विकास mesoderm layer से होता है।  यह संयोजी ऊतक (Connective Tissue ) या कंकाल ऊतक का बना होता है।  
  • हड्डियों की वृद्धि एवं विकास हेतु कैल्शियम तथा फास्फोरस की आवश्यकता होती है। 
  • हड्डियों की संख्या नवजात शिशु में 306 ,बचपन में 270 तथा वयस्क में 206 होती है।  
  • शरीर की सबसे लम्बी हड्डी femur फीमर है ,जो जांघ में पाई जाती है। 
  • स्टेपीस शरीर की सबसे छोटी हड्डी है ,जो कान में पाई जाती है।  
  • शरीर की सबसे अधिक भार वहन करने वाली हड्डी Tibia टिबिया है ,जो पैरों में होती है। 
  • शरीर की सबसे मजबूत हड्डी मैंडिबल है ,जो जबड़े में होती है।  
  • फीमर ,पटेला ,टिबिया तथा फिबुला पैरों में पाई जाने वाली हड्डियाँ है।  
  • ह्यूमरस ,रेडियस तथा अलना हाथो में पाई जाने वाली हड्डियाँ है।  
  • अंशमेखला (Pectoral Girdle ) कंधे में पाई जाने वाली हड्डी है।  जबकि श्रोणि मेखला (Pelvic Girdle )कूल्हे या hips में पाई जाने वाली हड्डी है।  
  • कॉलर बोन्स ,जिसे cavicle bone या हँसुली अस्थि या क्लेकविल बॉन भी कहा जाता है।  यह beauty bone यानि सुंदरता की हड्डी कहा जाता है।  
  • शरीर में पसलियों की संख्या 24 होती है।  
  • बच्चे के जन्म के समय रीड की हड्डी में 33 हड्डिया होती है, तथा बाद में इनकी संख्या 29 रह जाती है।  
  • वयस्क में रीड की हड्डी में 26 हड्डिया होती है।  
  • एक हड्डी जिस स्थान पर मांसपेशियो से जुडी होती है, उसे टेन्डन कहलाता है। 
  • एक हड्डी जिस स्थान पर दूसरी हड्डी से जुडी रहती है, उसे लिंगामेन्टस कहा जाता है।  
  • विटामिन D की कमी से बच्चो में रिकेट्स रोग हो जाता है तथा वयस्क में विटामिन D की कमी से ऑस्टियोमलेशिया नामक रोग जो जाता है।  ये दोनों रोग हड्डी से सम्बंधित है , जिसमे हड्डिया कमजोर एवं विकृत हो जाती है।  
  • भूमिगत जल में फ्लोराइड की मात्रा बढ़ने से फ्लोरोसिस रोग हो जाता है, जिसमे हड्डिया कमजोर हो जाती है तथा दाँतो पर पीले रंग के धब्बे हो जाते है।  
  • ऑर्थराइटिस हड्डियों से सम्बंधित रोग है , जिसमे जोड़ो में सूजन आ जाती है तथा दर्द होने लगता है , एवं यह समस्या उम्र के साथ बढ़ती है। 
  • कंकाल तंत्र के अध्ययन को Osteology (ऑस्टियोलॉजी ) कहलाता है।  
  • Skeleton System हमारे शरीर के भीतरी अंगो जेसे - ह्रदय ,spinal cord ,Liver की रक्षा करता है।  
  • हमारे शरीर में कुल 656 मासपेशिया होती है।  

मानव कंकाल तंत्र Human Skeletal System 

  • skeleton System कंकाल तंत्र दो प्रकार के होते है:-
(i) Exo Skeleton System :-शरीर के बाहरी सतह पर पाए जाने वाले Sketelon कंकाल को Exo Skeleton System कहते है।  उदाहरण -कछुए का ऊपरी कवच ,Mammals में नाख़ून व बाल। 
(ii) Endo Skeleton System :- शरीर के अंदर पाए जाने वाले स्केलेटन को Endo Skeleto System कहते है।  उदाहरण -सरीसृप ,शार्क ,मैमल्स आदि।  
Endo Skeleton System दो भागो में विभाजित होता है 
  1. Bones हड्डियाँ 
  2. Cartilage उपास्थि 
Bone (हड्डी) :-
  • यह एक प्रकार का Connective Tissue (संयोजी ऊतक) होता है।  
  • शरीर को सुरक्षा और गति प्रदान करती है।  
  • RBC और WBC के निर्माण करने का काम करती है। 
  • Bone अपने अंदर मिनरल्स को संग्रहित करके रखता है, जिसमे महत्वपूर्ण कैल्शियम तथा फास्फोरस है। 
  • इसमें उपस्थित कोशिकाओं को ऑस्टियोसाइट कहलाती है जिसे Mature Bone Cells भी कहते है।  
  • इनका निर्माण Collagen Protin (कोलेजन प्रोटीन ) से बनता है। 
  • हड्डियों में सबसे अधिक मात्रा में कैल्शियम फॉस्फेट पाया जाता है।  
  • इसके दो भाग होते है:-(i) Osteoblast अस्थिकोरक-अस्थि का निर्माण करता है।        (ii) Osteoclast अस्थिशोषक -अस्थि ऊतक का अवशोषण करता है। 
  • हड्डियों में पाई जाने वाली खाली जगह (cavity) Medullary Cavity (मज्जागुहा )कहा जाता है।  
  • मज्जागुहा के अंदर Red bonemarrow (लाल अस्थिमज्जा ) तथा yellow bonemarrow (पीली अस्थिमज्जा ) पाया जाता है।  
  • लाल अस्थिमज्जा में सर्वाधिक RBC बनती है। तथा साथ ही WBC बनती है। 
  • पीली अस्थिमज्जा में वसा FAT का निर्माण करने का कार्य करती है।  

Cartilage (उपास्थि ):-
  • यह यह एक चिकनी लचीला ऊतक या Connective Tissue (संयोजी ऊतक) होता है।  
  • यह हमारे शरीर की संरचना को व्यवस्थित या संतुलित बनता है।  
  • हड्डियों की तरह कठोर नहीं होता है ,थोड़ा soft होता है ,इसे आसानी से तोडा जा सकता है।  
  • इसकी उत्पति Mesodermal (मिसोडर्म ) से होती है।  
  • Cartilage में उपस्थित जीवित कोशिकाओं को Chondriocyte (क्रोन्ड्रियोसाइट )कहते है।  
  • ये दो प्रकार के तंतु से मिलकर बनी होती है -collagen fiber (कोलेजन तंतु ) तथा Elastin fiber (इलास्टिन तंतु )  
  • Cartillage की संरचना मैट्रिक्स के रूप में होती है।  इनमे बीच में खाली स्थान होता है ,जहाँ थैलीनुमा संरचना होती है , जिसे लेकुनी कहते है।  इन्ही में जीवित कोशिकाएं होती है।  

Note:- नवजात शिशु में हड्डियों की संख्या 300+होती है। तथा वयस्क में हड्डियों की संख्या 206 होती है।  


what is endocrine system अन्तः स्त्रावी तंत्र  पढ़ने के लिए यहाँ क्लीक करे। 

मानव कंकाल तंत्र का विभाजन 

  • मानव कंकाल तंत्र को दो भागो में विभाजित किया जाता है। 
(i) Axial skeleton (अक्षीय कंकाल) :- इसमें हड्डियों की संख्या 80 होती है।
(ii) Appendicular skeleton (उपांगिय कंकाल):- इसमें हड्डियों की संख्या 126 होती है। 


अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton):- इनका वितरण इस प्रकार है
  • (a) सिर की हड्डियाँ -29 
  • (b) वक्ष स्थल की हड्डियाँ -25 
  • (c) मेरुदण्ड की हड्डियाँ -26 
(a) सिर की हड्डियों का विभाजन :- 
(1) Skull (करोटि या खोपड़ी या मस्तिष्क की हड्डियाँ) -
  • इसमें कुल मिलाकर 22 bones होती है।  
  • इसमें से 8 हड्डियाँ Cranial Bones होती है जो कपाल की हड्डियाँ कहलाती है। ये मस्तिष्क की रक्षा करती है।  
  •  14 हड्डिया facial bones होती है जिन्हे चेहरे की हड्डिया कहते है। ये चेहरे का निर्माण करती है।  

(2) Neck Bones (गले की हड्डी ) -
  • यह एक होती है।  जिसे Hyoid Bone (कंठिका हड्डी) कहते है। 
(3) Ear bones (कान की हड्डियाँ) -
  • यह कुल मिलाकर 6 होती है।  प्रत्येक कान में 3 हड्डियाँ होती है।  
  • कान की हड्डियों के नाम - Malleus , Incus , Stapes  
Note :- मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी "stapes (स्टेप्स)" कान में ही होती है।  

(b) वक्ष स्थल की हड्डियाँ का विभाजन :-

(1) Ribs (पसलियाँ) -

  • यह संख्या 24 हड्डियाँ होती है।  तथा 12 जोड़ी होती है।  
  • यह पीछे से शुरू होकर आगे खत्म हो जाती है।  यह एक पिंजरा -सा (Rib-cage) बना देता है।  जिसमे ह्रदय ,तथा अन्य अंग सुरक्षित रहते है। 
  • 1st  से 7th  pair (जोड़ी) - True Ribs (यथार्थ पसलियाँ)
  • 8th से 10th pair (जोड़ी) - False Ribs (गौण पसलियाँ)
  • 11th से 12th  pair (जोड़ी) - Floating Ribs (चाल्य पसलियाँ)
Note:- सबसे ज्यादा पसलियाँ सांप में होती है , लगभग 200-400 

(2) Sternum Bone (उरोस्थि) -
  • यह संख्या में 1 होती है।  जो पसलियों को आपस में जोड़ती है।  यह टाई कर तरह दिखती है।  
(c) मेरुदण्ड की हड्डियों का विभाजन :-

  • इसमें 26 हड्डियाँ होती है।  इसकी लम्बाई 70 cm होती है। 

  • यह vertebra (कशेरूकी) से मिलकर बनता है।  कशेरुकी की संख्या 33 होती है। 
  • पहली कशेरुकी का नाम Atlas (एटलस) होता है।  
  • अंतिम कशेरूकी का नाम Coccyx (कोक्जियल) होता है। इसे Tail bone (पूछ की अस्थि) भी कहते है।  
  • यह पाँच भाग में विभाजित होता है-
  • (अ) Cervical (गर्दन वाला हिस्सा) - 7 कशेरुकी , 7 हड्डियाँ 
  • (ब) Thoracic (वक्ष स्थल) - 12 कशेरुकी , 12 हड्डियाँ 
  • (स) Lumber (कमर वाला हिस्सा) - 5 कशेरुकी , 5 हड्डियाँ 
  • (द) Sacral (त्रिक/ कमर के नीचे) - 5 कशेरुकी , 1 हड्डी 
  • (य) Coccyx (अनुत्रिकास्थि) - 4 कशेरूकी , 1 हड्डी 

उपांगीय कंकाल (Appebdicular Skeleton) - इनका वितरण इस प्रकार है। 
  • (a) Limbs (पाद) - 120 हड्डियाँ 
  • (b) Girdles (मेखलाये) - 6 हड्डियाँ 

(a) Bones of Limbs (हाथो - पैरो की अस्थियाँ) का विभाजन :-

  • (अ) Fore Lime (अग्र पाद) हाथ की हड्डियाँ - 60 हड्डियाँ 
  • (ब) Hind Lime (पश्च पाद) पैरों की हड्डियाँ - 60 हड्डियाँ 
Fore Lime (अग्र पाद) - 
  • प्रत्येक हाथ में 30 हड्डियाँ होती है। 
  • Humerus Bone ह्यूमरस बोन -एक हड्डी होती है। यह कंधे से कोहनी तक होतीहै।
  • Ridius + Ulna ) Bone - दो हड्डियाँ होती है। यह कोहनी से कलाई तक होती है। 
  • Carpals Bone (Wrist Bone) - 8 हड्डियाँ होती है। यह कलाई की हड्डियाँ होती है। 
  • Metacarpals Bone (palm bones) - 5 हड्डियाँ होती है।  यह हथेली की हड्डियाँ होती है। 
  • Phalanges (digits bones) - 14 हड्डियाँ होती है। यह अंगुलियाँ की हड्डियाँ होती है। 
Hind Lime (पश्च पाद) -
  • Femur (Thigh Bone) जांघ की अस्थि -1 हड्डी होती है।  ये सबसे लम्बी / मजबूत हड्डी होती है।  
  • Tibia bone + Fibula Bone - 2 हड्डियाँ होती है।  घुटने से एड़ी के बीच की हड्डियां होती है।  
  • Patella (पटेला) - 1 हड्डी होती है।  ये घुटने की कटोरी होती है।  
  •  Tarsals (ankle bone) - 7 हड्डियाँ होती है। यह एड़ी की हड्डियाँ होती है।  
  • Metatarsals - 5 हड्डियाँ होती है।  यह पगतली में उपस्थित्त होती है।  
  • Phalanges (digits bones) - 14 हड्डियाँ होती है। यह अंगुलियाँ की हड्डियाँ होती है। 
  • प्रत्येक पैर में 30 हड्डियाँ होती है। 

(b) Girdles (मेखलायें) का विभाजन :-
  • (अ) Pectoral Girdles (अंश मेखला) ;- 4 हड्डियाँ 
  • यह अक्षीय कंकाल को अग्र पाद से जोड़ती है। 
  • (i) Cavicle Bones / Collar bones / beauty bones( हँसुली अस्थि ) - ये 2 होती है। यह हाथो को गले से जोड़ती है।  
  • (ii) Scapula /shoulder bone (स्कंधास्थि ) कंधे की अस्थि - ये 2 होती है।  
  • (b) Pelvic Girdles (श्रोणि मेखला) :- 2 हड्डियाँ 
  • यह अक्षीय कंकाल को पश्च पाद से जोड़ती है।  
  • coxal bones /Hip Bones (नितम्ब अस्थियाँ) - 2 हड्डियाँ 
  • इसके तीन भाग होते है- Llium ,Pubis ,Ischium 

Joints (संधियाँ)

संधियाँ तीन तरह की होती है-
(1) Fibrous Joints (Immovable Joints) अचल संधियाँ :-
  • अचल संधियों में एक हड्डी से दूसरी हड्डी आपस में बहुत मजबूती से जुडी होती है।  
  • यह चपटी खोपड़ी की अस्थियो में उपस्थित होती है।  
(2) Cartilagious Joints अपूर्ण संधियाँ :-
  • ये हल्की गति करते है।  
  • इसमें हड्डियाँ कार्टिलेज से जुडी हुई होती है।  
  • उदाहरण - Pubic symphysis (Hips Joints) , Intervertebral dise (दो कशेरुकी के बीच)  , उपास्थि तथा पसलियाँ  के बीच 
(3) Synovial Joints (पूर्ण संधियाँ) :-
  • यह पूर्ण रूप से गति करता है।  
  • जब एक हड्डी दूसरी हड्डी से जुड़ती है तो वह एक Synovial (खली जगह) गुहा का निर्माण करती है।  जिसमे Synovial fluid भरा होता है। 
  • Synovial fluid ,हड्डियों  मध्य चिकनाहट बनाए रखता है। यह हड्डियों को गति करने में सहायक होता है। 
  • सबसे ज्यादा गति करने वाली संधि पूर्ण संधि होती है। 
Type Of Synovial Joints ( पूर्ण संधि के प्रकार) - 6 प्रकार की होती है। 

(1) Ball & Socket Joint ( कन्दुक खलीका संधि) :-
  • इसके उदाहरण - (i) sholder (कंधा) :- Humerus(ह्यूमरस) + pectoral Girdle (अंश मेखला) आपस में जुड़ते है।       (ii) Hips (नितम्ब) :- Femur (फीमर) + Pelvic Girdle (श्रोणि मेखला) आपस में जुड़ते है।  
(2) Hinge Joints (कब्ज़ा संधि) :-
  • यह एक ही दिशा में गति करता है।  
  • इनके उदाहरण - (i) Knee Joint (घुटने)     (ii) Elbow (कुहनी)      (iii) Fingers (अंगुलियाँ)        (iv) Toes ( पंजा) 
(3) Pivot Joints ( खूंटी संधि) :-
  • एक ही अक्ष में गति करता है।  
  • इनके उदाहरण - (i) Atlas (एटलस हड्डी) तथा Axis (अक्ष) के मध्य उपस्थित 
(4) Gliding Joints (विसर्पी संधि) :- 
  • दो समतल हड्डी के मध्य होता है।  
  • इनके उदाहरण -(i) carples (कलाई में ) 
(5) Saddle Joints (सैडल संधि) :-
  • यह घुड सवारी  की सीट की तरह होता है।  
  • इनके उदाहरण - यह Carpal & Metacarpal Of Thomb (अंगूठे में ) 
(6) Ellipsoid Joints ( Condyloid Joints) :-
  • यह आगे-पीछे व अगल-बगल गति करता है। 
  • इनके उदाहरण - (i) Metacarpals  (ii) Phalanges (digits / fingers) में उपस्थित होता है।  



अगर आपके कोई सवाल हो या अन्य कोई जानकारी चाहिए तो आप हमें comment Box में कमेंट करे।  धन्यवाद ! आपका दिन मंगलमय हो।