Indroduction of Internet इंटरनेट का परिचय

Indroduction of Internet इंटरनेट का परिचय इंटरनेट "सूचना का सुपरहाईवे" के नाम से भी प्रसिद्ध है।  अधिकांश इंटरनेट सेवाएं क्लाइंट/सर्वर मॉडल पर काम करती है।  आज हम आपको इंटरनेट का परिचय , इंटरनेट क्या है? , इंटरनेट की परिभाषा , इंटरनेट को एक्सेस कैसे करें ? , आईएसपी (ISP) ,इंटरनेट सेवा प्रदाता -Internet Service Provider , मॉडेम (Modem) , इंटरनल मॉडेम (Internal Modem) , बाहरी मॉडेम , पीसी कार्ड मॉडेम (PC Card Modem) , इंटरनेट  कनेक्टिविटी के प्रकार -Types of Internet Connections , Dial Up - डायल अप , ब्रॉडबैंड- broadband , WiFi - वाईफाई , DSL डीएसएल , केबल -cable , उपग्रह -Satellite , मोबाइल आदि की संक्षिप्त जानकारी देंगे।

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Indroduction of Internet इंटरनेट का परिचय 

Indroduction of Internet इंटरनेट का परिचय 


 इंटरनेट क्या है ?

  • इंटरनेट " सूचना का सुपरहाईवे " के नाम से भी प्रसिद्ध है।  
  • इसके जरिए आप नवीनतम वित्तीय समाचार पा सकते है , लाइब्रेरी कैटलॉग को ब्राउज कर सकते है , अपने दोस्तों के साथ इनफार्मेशन एक्सचेंज कर सकते है या एक जीवंत राजनीतिक बहस में शामिल हो सकते है इंटरनेट एक ऐसा टूल है जो आपको टेलीफोन फैक्स और पृथक कम्पूटरो से परे एक सूचना नेटवर्क तक ले जाता है।  
  • इंटरनेट एक वैश्विक कंप्यूटर नेटवर्क है जिसमे विभिन्न प्रकार की सूचना और संचार सुविधाएँ उपलब्ध है , जिसमे मानकीकृत संचार प्रोटोकॉल ( Standerdized communication protocols ) का उपयोग करते हुए  इंटर-कनेक्टेड नेटवर्क शामिल है।  आपस में जुड़े हुए कंप्यूटर विभिन्न एजेंसियो से सम्बंधित होते है जैसे सरकार , विश्वविद्यालय कम्पनिया ,व्यक्ति आदि। 
  •  अधिकांश इंटरनेट सेवाए क्लाइंट/सर्वर मॉडल पर काम करती है।  
  • एक कंप्यूटर अगर फाइल प्राप्त कर रहा है , तो एक क्लाइंट कहलाता है , और अगर वह फाइल भेज रहा तो एक सर्वर कहलाता है।  
  • इंटरनेट तक पहुंच प्राप्त करने के लिए अधिकांश लोग अपने क्षेत्रो में एक इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP-Internet Sevice Provider) के साथ एक खाता खोलते है।  

इंटरनेट को एक्सेस कैसे करें ?

  • एक बार जब आपने अपने कंप्यूटर को सेटअप कर लिया है तो आप इंटरनेट एक्सेस पाना चाहेंगे ताकि आप ई-मेल भेज सके , ई-मेल प्राप्त कर सके , वेब को ब्राउज कर सके , मूवी देख सके आदि।  इससे पहले कि आप इंटरनेट एक्सेस कर सके , आपको एक इंटरनेट कनेक्शन और एक वेब ब्राउज़र की आवश्यकता होगी।  इंटरनेट कनेक्शन पाने के लिए आपको एक इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) और एक मॉडेम की आवश्यकता होगी।  

(1) आईएसपी (ISP) (इंटरनेट सेवा प्रदाता -Internet Service Provider)

  • एक इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) एक ऐसा संगठन है जो इंटरनेट का उपयोग और उपयोग करने के लिए सेवाए प्रदान करता है।
  • इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को विभिन्न रूपों में व्यवस्थित किया जा सकता है ,जैसे वाणिज्यिक ,समुदाय-स्वामित्व वाला।
  • आमतौर पर ISP द्वारा प्रदान की जाने वाली इंटरनेट सेवाओं में इंटरनेट एक्सेस , इंटरनेट ट्रांजिट , डोमेन नाम पंजीकरण , वेब होस्टिंग , यूजनेट सेवा और कोलोकेशन शामिल है।

(2) मॉडेम (Modem)

  • मॉडेम एक डिवाइस या प्रोग्राम है जो डाटा संचारित करने के लिए एक कंप्यूटर को सक्षम बनाता है उदाहरण के तौर पर डाटा को टेलीफोन या केबल लाइन पर संचारित किया जा सकता है।
  • कंप्यूटर में जानकारी डिजिटल फॉर्म में संग्रहित की जाती है जबकि टेलीफोन लाइनों पर इनफॉर्मेशन एनालॉग फॉर्म में संचारित की जाती है।
  • मॉडेम यही काम करता है - डिजिटल इनफार्मेशन को एनालॉग इनफार्मेशन में एवं एनालॉग इनफार्मेशन को डिजिटल इनफार्मेशन में परिवर्तित करता है।
  • मॉडेम , Modulator-Demodulator का संक्षिप्त रूप है।
  • एक मॉडेम एक कंप्यूटर या अन्य डिजिटल डिवाइससे आउटगोइंग डिजिटल सिगनल को एक कॉपर टविस्टेड पेअर (Copper Twisted Pair) टेलीफोन लाइन के लिए एनालॉग सिग्नल में मॉड्यूलेट (Modulate) करता है और आने वाले एनालॉग सिग्नल को डिमॉड्युलेट (Demodulate) करता है और डिजिटल डिवाइस के लिए डिजिटल सिग्नल में इसे परिवर्तित करता है।

  मॉडेम विभिन्न प्रकार के होते है ;

  • इंटरनल मॉडेम (Internal Modem) :- इंटरनल मॉडेम डेस्कटॉप या लैपटॉप कंप्यूटर में इनस्टॉल होता है जो नेटवर्क पर जुड़े कम्पूटरो को साथ संवाद करने के लिए काम आता है।  इंटरनल मॉडेम बाहरी मॉडेम से सस्ते होते है क्योकि इनको पॉवर आपूर्ति (Power Supply) व चेसिस की जरूरत नहीं होती है। आंतरिक मॉडेम के दो प्रकार है :डायल अप (dial-Up ) और वाई-फाई (Wi-Fi Wireless Fidelity)

  • डायल-अप (Dial-Up)  :- मॉडेम एक टेलीफोन के बल पर काम करता है , उसे नेटवर्क से जुड़े टेलीफोन नम्बर की आवश्यकता होती है  और कनेक्शन स्थापित करने के लिये लॉग-इन विवरण चाहिए होता है।  वाई-फाई (Wi-Fi) मॉडेम नेटवर्क से बिना किसी लॉग-इन विवरण के कनेक्ट हो जाते है। 

  • बाहरी मॉडेम ( External Modem ) :- बाहरी मॉडेम , मॉडेम इनस्टॉल करने के लिए सबसे सरलतम मॉडेम का प्रकार है। टेलीफोन लाइन मॉडेम के पीछे के पैनल पर एक सॉकेट में प्लग हो जाती है।  बाहरी मॉडेम अपनी स्वयं की बिजली आपूर्ति इस्तेमाल करता है जिससे आप जब भी इंटरनेट कनेक्शन तोड़ना चाहे तो इसको बंद कर सकते है।  इन मॉडेम के उदाहरण DSL मॉडेम है जो ब्रॉडबैंड कनेक्शन में इस्तेमाल होते है।

  • पीसी कार्ड मॉडेम (PC Card Modem) :-ये मॉडेम पोर्टेबल कंप्यूटर के लिए बनाया गया है , एक क्रेडिट कार्ड के आकार के होते है और नोटबुक और हैण्ड हेल्ड कंप्यूटर पर पीसी कार्ड स्लॉट में फिट बैठते है।  जब मॉडेम की जरूरत नहीं हो तब हम इसको हटा भी सकते है। उनके आकार को छोड़कर , PC कार्ड मॉडेम बाहरी और आंतरिक मॉडेम के एक संयोजन की तरह है।  इन उपकरणों को पोर्टेबल कंप्यूटर में एक बाहरी स्लॉट में सीधे फिट कर दिया जाता है।  इसमें टेलीफोन केबल के अलावा और किसी केबल की आवश्यकता नहीं होती है। ये कार्ड कंप्यूटर द्वारा संचालित होते है।

Note:- आज स्मार्टफोन , पीडीए और मोबाइल फोन का उपयोग डेटा मॉडेम के रूप में किया जा सकता है , जो की एक पर्सनल कंप्यूटर से इंटरनेट कनेक्ट करने के लिए वायरलेस एक्सेस प्वाइंट (Wireless Access Point) का निर्माण करता है।


इंटरनेट कनेक्टिविटी के प्रकार ( Types of Internet Connections)


  • इंटरनेट कनेक्टिविटी ऐसी प्रक्रिया है जो व्यक्तियों और संगठनों को कंप्यूटर , मोबाइल डिवाइस और कंप्यूटर नेटवर्क का उपयोग करके इंटरनेट से कनेक्ट करने में सक्षम बनाती है।  इंटरनेट से कनेक्ट होने के बाद उपयोगकर्ता इंटरनेट सेवाओं जैसे ईमेल और वर्ल्ड वाइड वेब (WWW-World Wide Web) एक्सेस कर सकते है।

कुछ सामान्य प्रकार की इंटरनेट कनेक्शन सेवाए है :-


  • (1) डायल-अप (Dial Up) - डायल अप आम तौर पर सबसे धीमी गति का इंटरनेट कनेक्शन है और आजकल अप्रचलित है।  एक फोन कॉल की तरह , एक डायल अप मॉडेम एक नम्बर डायल करके इंटरनेट से जुड़ जाता है ,और जब आप वेब सर्फिंग ख़त्म कर चुके होंगे तो यह डिसकनेक्ट (Disconnect) हो जाएगा। 

  • (2) ब्रॉडबैंड (Broadband) - यह हाई-स्पीड (High Speed) इंटरनेट (Internet) कनेक्शन आम तौर पर टेलीफोन कंपनीयो द्वारा प्रदान किया जाता है जो आईएसपी के रूप में भी कार्य कर सकते है।  उपलब्ध सबसे तेज विकल्पों में से एक , ब्रॉडबैंड इंटरनेट बड़ी मात्रा में सूचना भुजने के लिए कई डेटा चैनल का उपयोग करता है।  ब्रॉडबैंड शब्द ब्रॉड बैंडविड्थ के लिए लघुकथन है। ब्रॉडबैंड इंटरनेट स्पीड उपयोगकर्ताओं को कंप्यूटर के माध्यम से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग ,कंप्यूटर पर वॉइस कॉल्स और उच्च गुणवत्ता वाले ऑडियो और वीडियो स्ट्रीमिंग सहित प्रौद्योगिकियों का लाभ लेने देता है।  उपलब्ध ब्रॉडबैंड के प्रमुख प्रकार में डीएसएल (DSL) , केबल ,सैटेलाइट और मोबाइल ब्रॉडबैंड शामिल है।  ब्रॉडबैंड की गति को सामान्यतः मेगाबिट प्रति सेकंड (Mbps -Megabits per second) में मापा जाता है। 

  • (3) वाईफाई (Wifi) :- वाई फाई (WiFi Wireless Fidelity ) WLAN (Wireless Local Area networking ) हेतु एक तकनीक है जिसे उपकरणों तक संचारित करने के लिए "रेडियो फ्रीक्वेंसी (Radio Frequency) " आवश्यक होती है।  Wi-Fi प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाले डिवाइस में पर्सनल कंप्यूटर ,वीडियो गेम कंसोल्स , स्मार्टफोन ,डिजिटल कैमरा , टेबलेट कंप्यूटर , डिजिटल ऑडियो प्लेयर और आधुनिक प्रिंटर शामिल है।  Wi-Fi कम्पेटिबल (compatible) डिवाइस एक WLAN नेटवर्क और एक वायरलेस एक्सेस पॉइंट की रेंज घर के अंदर लगभग 20 मीटर (66 फिट) और घर के बाहर थोड़ी और ज्यादा होती है।  हॉटस्पॉट का कवरेज दीवारों युक्त एक कमरे के बराबर छोटा हो सकता है , जो रेडियो तरंगो को ब्लॉक करता है , या कई ओवरलैपिंग एक्सेस पॉइंट का उपयोग करके कई वर्ग किलोमीटर तक की कवरेज भी हो सकती है।  कोई भौतिक कनेक्शन नहीं होने पर , वायर्ड कनेक्शन की तुलना में यह हमलो के प्रति अधिक संवेदनशील होता है , जैसे ईथरनेट (Ethernet)

  • (4) डीएसएल (DSL) :- डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन (DSL- Digital Subscriber Line) सेवा एक ब्रॉडबैंड कनेक्शन का प्रयोग करती है , जो इसे डायल अप से अधिक तेज बनाता है।  DSL फोन लाइन के माध्यम से इंटरनेट से कनेक्ट करते है।  लेकिन इसके लिए आपको घर पर लैंडलाइन होने की आवश्यकता नहीं होती है।  डायल अप के विपरीत , यह एक बार सेटअप होने के बाद हमेशा कनेक्टेड रहता है और आप इसके साथ फोन लाइन भी इस्तेमाल कर सकते है। 

  • (5) केबल (Cable) :- केबल सेवा ,केबल टीवी के माध्यम से इंटरनेट से कनेक्ट करती है यद्यपि इस सर्विस का लाभ लेने के लिए केबल टीवी होने की जरूरत नहीं है। यह एक ब्रॉडबैंड कनेक्शन का उपयोग करता है और दोनों डायल अप और DSL सेवा की तुलना में तेज होता है ,हलाकि यह उन्ही स्थानों पर उपलब्ध हो सकता है जहाँ केबल टीवी होता है।  

  • (6) उपग्रह (Satellite) :- यह कनेक्शन ब्रॉडबैंड का उपयोग करता है , लेकिन केबल या फोन लाइनो की आवश्यकता नहीं है।  यह पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह से इंटरनेट को जोड़ता है , परिणामस्वरूप यह लगभग दुनिया में कही भी इस्तेमाल किया जा सकता है , लेकिन कनेक्शन मौसम की वजह से प्रभावित हो सकता है।  एक उपग्रह कनेक्शन थोड़ी देरी से डेटा संचार करता है इसलिए उपग्रह कनेक्शन उन लोगो के लिए बहुत अच्छा विकल्प नहीं है जो रियल टाइम एप्लीकेशन , जैसे गेमिंग वीडियो कॉन्फ्रेसिंग का उपयोग करते है।  

  • (7) मोबाइल :- मोबाइल फोन कनेक्शन के माध्यम से मोबाइल ऑपरेटर द्वारा इंटरनेट सेवाए प्रदान की जाती है।  3G या 4G सेवा का सबसे अधिक , मोबाइल फोन और टेबलेट कंप्यूटर के साथ प्रयोग किया जा रहा है।  यह आपके मोबाइल फोन या टेबलेट कंप्यूटर को ISP (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर ) के माध्यम से वायरलेस तरीके से जोड़ता है यदि आपके पास एक उपकरण है जो 3G या 4G सक्षम है ,तो आप इंटरनेट घर से बाहर भी इस्तेमाल कर पायेँगे , तब भी जब वहाँ कोई Wi-Fi कनेक्शन नहीं है। 

Note :- मोबाइल ब्रॉडबैंड एक पोर्टेबल मॉडेम , मोबाइल फोन , USB वायरलेस मॉडेम , टेबलेट या अन्य मोबाइल उपकरणों के नेटवर्क के माध्यम से वायरलेस इंटरनेट एक्सेस के लिए प्रयोग में आने वाला एक विपणन शब्द है।  

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