रचना के आधार पर वाक्य परिवर्तन | rachna vaky parivartan

 रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते है - सरल वाक्य , मिश्र वाक्य , संयुक्त वाक्य।  इन वाक्यों को सुविधा अनुसार आपस में एक दूसरे में परिवर्तित किया जा सकता है।  इसलिए हिंदी व्याकरण में आज हम आपको इस पोस्ट में रचना के आधार पर वाक्य परिवर्तन  के बारे में संक्षिप्त जानकारी देंगे। 


रचना के आधार पर वाक्य परिवर्तन 


1. सरल वाक्य से संयुक्त वाक्य में वाक्य परिवर्तन :- 


सरल वाक्य  संयुक्त वाक्य
वह खाना खाकर सो गया।  उसने खाना खाया और सो गया।  
इतना कहने पर भी वह नहीं आया।  इतना कहा पर वह नहीं आया। 
प्राचार्य ने उसे अनुशासन भंग करने पर दण्डित किया।   उसने अनुशासन भंग किया , इसलिए प्राचार्य ने उसे दंडित किया।   
उसे पुरस्कार पाने के लिए परिश्रम करना पड़ेगा। उसे परिश्रम करना पड़ेगा। वरना/ नहीं तो पुरस्कार नहीं पाएगा। 
उसे अपनी कमी पूरी करने के लिए परिश्रम करना चाहिए। 
 
उसे परिश्रम करना चाहिए और इस तरह अपनी कमी पूरी करनी चाहिए। 
वह मृत्युदंड के भय से झूठ बोलता रहा।  उसे मृत्युदंड का भय था , इसलिए वह झूठ बोलता रहा।  
कड़ी मेहनत के बावजूद वह सफल न हो सका। उसने कड़ी मेहनत की , परन्तु वह सफल न हो सका। 
दुर्भाग्य से वह परीक्षा में बैठ न सका।   उसका दुर्भाग्य था और इसलिए वह परीक्षा में बैठ न सका।   
 उसने ऐसा काम करके बदनामी कमाई।     उसने ऐसा काम किया और बदनामी कमाई। 
कपडे उतारकर वह नदी में कूद पड़ा। उसने कपडे उतारे और वह नदी में कूद पड़ा। 
सब कुछ पाने पर भी वह अपने में संतुष्ट नहीं था। उसने सब कुछ पा लिया , पर वह अपने में संतुष्ट नहीं हुआ। 
उसके सीटी बजाने पर खेल रुक गया। उसने सीटी बजाई और खेल रुक गया।  
वर्षा आती देख हमने एक झोपड़ी में शरण ली। हमने वर्षा आती देखी और एक झोपड़ी में शरण ली। 
दंड से बचने के लिए वह भाग गया। वह दंड से बचना चाहता था, इसलिए भाग गया।  
अपने ऊपर विपत्ति  देखकर वह वहां से खिसक गया। उसने अपने ऊपर विपत्ति आती देखी और वह वहां से खिसक गया।  
पंगु होने के कारण वह घोड़े पर नहीं चढ़ सकता। वह पंगु है , इसलिए घोड़े पर नहीं चढ़ सकता। 

2. संयुक्त वाक्य से सरल वाक्य में वाक्य परिवर्तन :-


संयुक्त वाक्य  सरल वाक्य
वह बच्चा ही तो था , पर था चतुर। बच्चा होने पर भी वह था चतुर। 
देर मत करो , नहीं तो या वरना गाड़ी छूट जाएगी। देर करने पर गाड़ी छूट जाएगी। 
वे लोग निर्धन थे और कष्ट भोगते रहते थे।  वे निर्धन लोग कष्ट भोगते रहते थे।   
मैंने उसे बुलाया पर उसने कोई उत्तर नहीं दिया। मेरे बुलाने पर भी उसने कोई उत्तर नहीं दिया।  
न केवल उसे पैसा मिला , अपितु प्रोत्साहन भी मिला। पैसा मिलने के अलावा उसे प्रोत्साहन भी मिला। 
उसने घर का काम कर लिया और पुस्तक बंद कर दी। उसने घर का काम करके पुस्तक बंद कर दी।
हमें आहार लेना चाहिए नहीं तो जी न सकेंगे।  हमें जीने के लिए आहार लेना चाहिए। 
न रहेगा बांस न रहेगी बाँसुरी। बाँस और बाँसुरी दोनों ही नहीं रहेंगे।   
स्याही सुख गई और मैं लिख न सका।    स्याही सुख जाने प् मैं लिख न सका। 
वह प्रतिदिन अभ्यास करता था , इसलिए प्रवीण हो गया। प्रतिदिन अभ्यास करने के कारण वह प्रवीण हो गया। 
यह कोट फटा-पुराना है इसलिए यह मेरा नहीं हो सकता। यह फटा-पुराना कोट मेरा नहीं हो सकता। 
वह दुर्बल होता जा रहा था , इसलिए डॉक्टर को दिखाना पड़ा। उसके दुर्बल होते जाने के कारण उसको डॉक्टर को दिखाना पड़ा।
मालिक आया और घोडा हिनहिनाने लगा।   
मालिक के आने पर घोडा हिनहिनाने लगा। 
बिल का भुगतान कर दो नहीं तो माल वापस। बुल का भुगतान न करने पर तुम्हें माल वापस करना होगा।  
वह धनी है पर लोग ऐसा नहीं समझते।  लोग उसे धनी नहीं समझते। 
जल्दी चलो , नहीं तो पकडे जाओगे। जल्दी न चलने पर पकडे जाओगे। 


3. सरल वाक्य से मिश्र वाक्य में वाक्य परिवर्तन :


सरल वाक्य  मिश्र वाक्य
वह छोटा लड़का है। वह जो लड़का है छोटा है। 
इसी बच्चे को बैल ने सींग मारा था। यह वही बच्चा है जिसको बैल ने सींग मारा था। 
गरीबों की सहायता करने वाले धर्मात्मा होते है। जो गरीबों की सहायता करते है वे धर्मात्मा होते है।   
वह मुझसे घर आने को कहता है।  वह मुझसे कहता है कि मेरे घर आओ। 
टोपीवाला बाबू कहीं जा रहा है। वह जो टोपीवाला बाबू है कहीं जा रहा है। 
उसने अपना दोष मान लिया। उसने मान लिया कि दोष उसका है। 
उसने परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए परिश्रम किया।  उसने परिश्रम किया ताकि परीक्षा उत्तीर्ण करे। 
आज शाम उससे मिलने का मेरा विचार है। मेरा विचार है कि आज शाम उससे मिला जाए। 
मैं तुम्हारे साथ खेलना चाहता हूँ। मैं चाहता हूँ कि तुम्हारे साथ खेलूँ। 
यहाँ का प्रबंध अति त्रुटिपूर्ण है। यहाँ जो प्रबंध है वह अति त्रुटिपूर्ण है। 
सूर्य पूर्व से उदय होता है। जो सूर्य है वह पूर्व से उदय होता है। 
मुझे अपनी समस्या बताओ। मुझे बताओ कि तुम्हारी समस्या क्या है। 
मेरे लिए बैठने की कहीं जगह नहीं है। मेरे लिए कहीं जगह नहीं है जहाँ मैं बैठूँ। 
काम खत्म करके हम सैर करने निकल पड़े। जब काम खत्म हुआ तब हम सैर करने निकल पड़े। 
इतना धन रहते हुए भी वह स्वस्थ नहीं है। यघपि उसके पास इतना धन है तथापि वह स्वस्थ नहीं है। 
वह सेना में भर्ती होने योग्य नहीं है। वह इस योग्य नहीं है कि सेना में भर्ती हो सके।  

4. मिश्र वाक्य से सरल वाक्य में वाक्य परिवर्तन :-


मिश्र वाक्य  सरल वाक्य
यह निश्चित नहीं है कि वह कब आएगा। उसके आने का समय निश्चित नहीं है। 
घोषणा की गई कि लोग अपने-अपने हथियार मालखाने में जमा कर दें। घोषणा में लोगों से अपने-अपने हथियार मालखाने में जमा करने को कहा गया। 
वह उसी गाँव में मरा जिसमें पैदा हुआ था। वह अपने पैदाइशी गाँव में ही मरा। 
वह दिल ही क्या है जिस दिल में दर्द न हो। बेदर्द दिल दिल नहीं है। 
मैंने एक आदमी देखा जो अंधा था। मैंने एक अंधा आदमी देखा। 
उसने कहा कि मैं निर्दोष हूँ। उसने अपने को निर्दोष बताया।  
जो क्षण बीत गया वह सदा के लिए गया। बीता हुआ क्षण सदा के लिए गया।  
मेरा पास ऐसा कोई उपहार नहीं है जो मैं तुम्हें दे सकूँ। मेरे पास तुम्हें योग्य कोई उपहार नहीं है। 
जब तुम लौटकर आने पर मैं जाऊँगा। तुम्हारे लौटकर आने पर मैं जाऊँगा। 
यघपि वह गरीब है तथापि वह चोरी नहीं करता। गरीब होने पर भी वह चोरी नहीं करता। 
मुझे बताओ कि तुम कहाँ रहते हो। मुझे अपने रहने का स्थान बताओ। 
जो लोग अपने बल-बूते पर खड़े होते हैं वे जीवन में सफल होते हैं। अपने बल-बूते पर खड़े होने वाले जीवन में सफल रहते है। 
चीनी ऐसा खाद्य पदार्थ है जो सबसे महँगा है। चीनी सबसे महँगा खाद्य पदार्थ है।  
जहाँ श्याम रहता है वहीं राम भी रहता है। राम और श्याम एक ही जगह रहते है। 
ज्यों ही मैं वहाँ पहुँचा त्यों ही घंटा बचा। मेरे वहाँ पहुँचते ही घंटा बजा।  

5. संयुक्त वाक्य से मिश्र वाक्य में वाक्य परिवर्तन :-


संयुक्त वाक्य  मिश्र वाक्य
इसकी तलाशी लो और घड़ी मिल जाएगी।  यदि इसकी तलाशी लोगे तो घड़ी मिल जाएगी। 
करो या मरो। यदि नहीं करोगे तो मरोगे। 
मोहन एक पुस्तक चाहता था और वह उसे मिल गई। मोहन जो पुस्तक चाहता था वह उसे मिल गई। 
मैं वहाँ पहुँचा और तुरंत घंटा बजा। ज्यों ही मैं वहाँ पहुँचा त्योंही घंटा बजा। 
मनोहर या तो स्वयं आएगा या तार भेजेगा। यदि मनोहर स्वयं न आया तो तार भेजेगा। 
विनय चुस्त न हो पर है समझदार। यघपि विनय चुस्त नहीं है तथापि वह है समझदार। 
शेर घायल हुआ , परन्तु मारा नहीं गया। यघपि शेर घायल हो गया तथापि वह मारा नहीं गया।   
मुझे तार मिला और मैं तुरंत चल पड़ा। ज्योंही मुझे तार मिला त्योंही मैं चल पड़ा। 
दवा लो और बुखार काम हो जाएगा। यदि दवा लोगे तो बुखार कम हो जाएगा। 
मैं उसे चुप रहने को कहता रहा , पर उसने एक नहीं सुनी। यघपि मैं उसे चुप रहने को कहता रहा तथापि उसने एक नहीं सुनी। 
काम पूरा कर डालो , नहीं तो जुरमाना होगा। यदि काम पूरा नहीं करोगे तो जुरमाना होगा। 
वह विद्वान् बनना चाहता था , इसलिए बड़े-बड़े ग्रन्थ पढ़ता था। वह बड़े-बड़े ग्रन्थ पड़ता था ताकि विद्वान् बन जाए। 
वक्त निकल जाता है , पर बात याद रह जाती है।भले ही वक्त निकल जाता है ,फिर भी बात याद रह जाती है। 
पोत नष्ट हो गया ,तो भी यात्रियों को बचा लिया गया। पोत नष्ट हो गया , तो भी यात्रियों को बचा लिया गया। 
इस समय सर्दी है , इसलिए कोट पहन लो। क्योंकि इस समय सर्दी है , इसलिए कोट पहन लो। 


हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद! इसमें आपको रचना के आधार पर वाक्य परिवर्तन  के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है। 
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