क्रिया के आधार पर वाक्य परिवर्तन | VAKYA PARIVARTAN IN HINDI

क्रिया के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते है- कर्त्तृवाच्य ,कर्मवाच्य,भाववाच्य। प्रयोग अनुसार हिंदी व्याकरण में वाक्य को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित कर प्रयोग किया जाता है। इसलिए हिंदी व्याकरण में आज हम आपको इस पोस्ट में  क्रिया के आधार पर वाक्य परिवर्तन  के बारे में संक्षिप्त जानकारी देंगे। 

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 क्रिया के आधार पर वाक्य परिवर्तन | VAKYA PARIVARTAN IN HINDI

क्रिया की दृष्टि से / क्रिया के आधार पर वाक्य परिवर्तन 

1. कर्त्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाना :- कर्त्तृवाच्य वाक्य में कर्त्ता की प्रधानता होती है , जबकि कर्मवाच्य में कर्म की प्रधानता होती है। अतः किसी वाक्य को कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाते समय , वाक्य में कर्त्ता को प्रधानता (मुख्य) न  गौण (छुपा हुआ)बना दिया जाता है तथा कर्म को प्रधानता दी जाती है।  कर्त्ता की गौण स्थिति भी दो तरह से हो सकती है। एक कर्त्ता को करण कारक या माध्यम के रूप में प्रयुक्त कर , उसके साथ 'से, के द्वारा' आदि विभक्तियाँ लगाकर या दूसरी स्थिति में कर्त्ता का लोप ही कर दिया जाता है।  

 जैसे -श्याम पत्र लिखेगा। यह वाक्य कर्त्तृवाच्य है इसका कर्मवाच्य रूप 'श्याम द्वारा पत्र लिखा जाएगा।' होगा।  

कर्त्तृवाच्य से कर्मवाच्य में वाक्य परिवर्तन :-

 
कर्त्तृवाच्य   कर्मवाच्य 
आज्ञा दीजिए।   आज्ञा दी जाए।  
मैंने दरवाजा खोला।   मुझसे दरवाजा खोला गया।  
इस बिल का भुगतान आज ही कर दे।   इस बिल का भुगतान आज ही कर दिया जाए।  
लड़का पेड़ पर चढ़ रहा है।  लड़के से पेड़ पर चढ़ा जा रहा है। 
नौकर को बुलाओ।  नौकर को बुलाया जाए। 
अब दुकान बंद करने का समय है।  अब समय है कि दुकान बंद की जाए। 
तुमने व्याकरण किससे पढ़ा था? तुम्हे व्याकरण किसने पढ़ाया था?
तुम्हें अपने वचन का पालन करना चाहिए।  तुमसे अपने वचन का पालन होना चाहिए।  
हमने तुम्हें यह दाँव सिखाये।  हमसे तुमने ये दाँव सीखे। 
कृपया बायें चलिए।  बायें चलने की कृपा की जाए। 
बिल्ली ने चूहे को मर डाला।   बिल्ली के हाथों चूहा मारा गया। 
कल उसने मुझे खाने पर बुलाया था।  कल मैं उसके द्वारा खाने पर बुलाया गया था।  
मक्खन यहाँ अलमारी में रखते है।  मक्खन यहाँ अलमारी में रखा जाता है। 
खिड़की टूट गई।  खिसकी तोड़ी गई।  
दरवाजा बंद कर दो।  दरवाजा बंद कर दिया जाए।  
लोग बताते हैं कि वह पागल हो गया है।   बताया जाता है कि वह पागल हो गया है। 
कलाकार मूर्ति गढ़ता है।  कलाकार द्वारा मूर्ति गढ़ी जाती है। 
वह पत्र लिखता है।  उसके द्वारा पत्र लिखा जाता है।   
राम ने पुस्तक पढ़ी।   राम द्वारा पुस्तक पढ़ी गई।   
दादी कहानी सुनाएगी।   दादी द्वारा कहानी सुनाई जाएगी। 
राम व्यायाम करता है।  राम द्वारा व्यायाम किया जाता है। 


2. कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य बनाना :- कर्त्तृवाच्य में कर्त्ता की मुख्य भूमिका होती है लेकिन कर्मवाच्य कर्म की प्रधानता होती है , अतः कर्मवाच्य से कर्त्तृवाच्य बनाते समय पुनः कर्त्ता के अनुसार क्रिया प्रयुक्त कर देंगे।  

कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य में वाक्य परिवर्तन :-
जैसे -
कर्मवाच्य    कर्त्तृवाच्य 
उसके द्वारा पत्र लिखा जाएगा।  वह पत्र लिखेगा।
बच्चो द्वारा चित्र बनाए गए।   बच्चो ने चित्र बनाए।   
गधे द्वारा बोझा ढोया गया। गधे ने बोझा ढोया।   
उसे एक तार दिया जाए। उसे एक तार दें। 
उसे सभापति चुना गया। उन्होंने उसको सभापति चुना। 
इस गली से होकर जाया जाए। इस गली से होकर जाएं। 
मकान कैसे बनाया जाता है। मकान कैसे बनाते है। 
यहाँ ऐसे खेल खेले जाते है। यहाँ ऐसे खेल खेलते है। 
हर गाँव में नलकूप लगाए जा रहे है। हर गाँव में नलकूप लग रहे है। 
ऐसा कहा जाता है कि। ऐसा कहते है कि। 
पुल की मरम्मत हो रही है। (वे) पुल की मरम्मत कर रहे है। 
तुमसे लिखा नहीं जा सकता। तुम लिख नहीं सकते। 
'अभिज्ञान शाकुंतलम' कालिदास द्वारा लिखा गया। 'अभिज्ञान शाकुंतलम' कालिदास ने लिखा। 
उसको पढ़ाया-लिखाया जा रहा है। वह पढ़-लिख रहा है। 
कश्मीर की सुषमा का वर्णन नहीं किया जा सकता। कश्मीर की सुषमा का वर्णन कोई नहीं कर सकता। 
घायल खिलाड़ी अस्पताल लाया जा रहा था। (वे) घायल खिलाड़ी को अस्पताल ले जा रहे थे। 
उसे सब कुछ बता दिया जाए। उसे सब कुछ बता दें। 
हमें रिहा कर दिया गया। (उन्होंने) हम रिहा कर दिया। 
रद्दी कागज़ फेंक दिए गए। 
(उन्होंने) रद्दी कागज़ फेंक दिये।  


3. कर्त्तृवाच्य से भाववाच्य बनाना :- कर्तृवाच्य में प्रयुक्त क्रिया कर्त्ता के अनुसार प्रयुक्त होती है , जबकि भाववाच्य में प्रयुक्त क्रिया न कर्त्ता के अनुकूल होती है , और न ही कर्म के अनुसार बल्कि वह असमर्थता के भाव के अनुसार प्रयुक्त होती है। अतः कर्तृवाच्य से भाववाच्य बनाते समय कर्त्ता के साथ ' से ' लगाना चाहिए या कर्त्ता का उल्लेख ही नहीं हो , लेकिन कर्त्ता के उल्लेख न होने की स्थिति तब होती है , जब मूल कर्त्ता सामान्य हो।  साथ ही मुख्य क्रिया के साथ संयोगी क्रिया 'जा' लगती है।

कर्तृवाच्य से भाववाच्य में वाक्य परिवर्तन :- 
जैसे -
क्रम 
स.
कर्त्तृवाच्य  भाववाच्य 
1.मैं अब चल नहीं पाता।  मुझ से अब चला नहीं जाता।  
2. गर्मियों में लोग खूब नहाते है।  गर्मियों में खूब नहाया जाता है। 
3. वे गा नहीं सकते।  उनसे गाया नहीं जा सकता।


हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद! इसमें आपको  क्रिया के आधार पर वाक्य परिवर्तन  के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है। 
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