अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन | VAKYA PARIVARTAN

 अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते है - विधानार्थक वाक्य , निषेधात्मक वाक्य , आज्ञार्थक वाक्य , प्रश्नार्थक वाक्य , इच्छार्थक वाक्य , सन्देहार्थक वाक्य , संकेतार्थक वाक्य , विस्मयबोधक वाक्य।  इन वाक्यों को सुविधा अनुसार आपस में एक दूसरे में परिवर्तित किया जा सकता है।  इसलिए हिंदी व्याकरण में आज हम आपको इस पोस्ट में अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन  के बारे में संक्षिप्त जानकारी देंगे। 

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अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन | VAKYA PARIVARTAN

अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन 


1. विधि /विधानार्थक वाक्य से निषेध/निषेधार्थक वाक्य में वाक्य परिवर्तन :- 


विधि/विधानार्थक वाक्य   निषेध/निषेधार्थक वाक्य
मुझे संदेह हुआ कि यह पत्र तुमने लिखा।  मुझे विश्वास नहीं हुआ कि यह पत्र तुमने लिखा। 
उसने सब उपाय किये।   उसने कोई उपाय नहीं छोड़ा। 
मुग़ल बादशाहों में अकबर श्रेष्ठ था।   मुगल बादशाहों में अकबर से बढ़कर कोई नहीं था।   
नत्थू कल्लू से कुछ लम्बा है।  नत्थू कल्लू से छोटा नहीं है। 
वह घर से बाहर रहता है।  वह घर के अंदर नहीं रहता है। 
हर आदमी कभी तो गलती करता ही है।  ऐसा कोई आदमी नहीं जो कभी गलती नहीं करता।  
मेरे पास केवल चार रुपए है।  मेरे पास चार रुपए अधिक नहीं है। 
गुलाब का कोई नाम रख दो सुंगध देगा ही।   गुलाब का कोई नाम न रहे तो ऐसा नहीं है कि वह सुगंध नहीं देगा।  
आबू के मंदिर देखने लायक है।     ऐसा नहीं है  कि आबू के मंदिर देखने लायक न हो। 
यह मकान हमारे पुराने मकान से खुला है।  हमारा पुराना मकान इस मकान से खुला नहीं है। 
ये इमारते ऊंचाई में एक समान है।  ये इमारतें ऊंचाई में भिन्न नहीं है। 
मैं आपसे सहमत हूँ। 
मैं आपसे असहमत नहीं हूँ। 
जब तुम दिल्ली में थे तब कुतुबमीनार अवश्य देखा होगा। 
जब तुम दिल्ली में थे तब ऐसा नहीं हो सकता कि कुतुबमीनार देखा ही न हो। 
लड़की अपनी पुस्तक पढ़ रही थी।  लड़की किसी और की पुस्तक नहीं पढ़ रही थी।  
यह प्रस्ताव सब को स्वीकार्य है।  इस प्रस्ताव पर किसी को आपत्ति नहीं है। 
गाड़ी के समय पर आने की सम्भावना है।  गाड़ी के विलम्ब से आने की सम्भावना नहीं है।  

2. निषेध/निषेधार्थक वाक्य से विधि /विधानार्थक वाक्य में वाक्य परिवर्तन :-


निषेध/निषेधार्थक वाक्य   विधि/विधानार्थक वाक्य
मुझे कौन वोट नहीं देगा ?  मुझे सब वोट देंगे।  
तुम उससे योग्य नहीं हो।   वह तुमसे योग्य है। 
गाँधी जी का नाम किसने नहीं सुना।    गाँधी जी  सबने सुना है।    
उसकी ईमानदारी पर किसी को संदेह नहीं है।  उसकी ईमानदारी पर सबको भरोसा है। 
वह दीर्घकाल तक जीवित नहीं रहा। वह अल्पायु में ही मर गया।  
मैं सारी रात सो नहीं पाया। मैं सारी रात जागता रहा।   
उससे अच्छा खिलाडी दूसरा नहीं है।  वह सर्वश्रेष्ठ खिलाडी है। 
उपस्थित व्यक्तियों में किसी ने उसकी निन्दा नहीं की।   उपस्थित व्यक्तियों में सब ने उसकी प्रशंसा की।   
मुझे एक भी पुरस्कार नहीं मिला।     मेरे सिवाय प्रत्येक को एकआधा पुरस्कार अवश्य मिला। 
झूठ मत बोला करो। सच ही बोला करो।  
मैं किसी योजना को अधूरा नहीं छोड़ता।  मैं हर एक योजना पूरी करके छोड़ता हूँ। 
लगता था कि वह अभी मरा नहीं।  लगता था कि वह अभी जीवित है। 
प्रायः लोग गरीबों को दुःख नहीं देते।  
प्रायः लोग गरीबों को सुख ही देते है। 
आग के बिना धुआँ नहीं होता।  आग होती है तभी धुआँ होता है।  
ये दो जुड़वाँ भाई एक-दूसरे से भिन्न है।  ये दो जुड़वाँ भाई एक-समान है। 
इस बात से किसी को इंकार नहीं है।   यह बात सब को स्वीकार्य है।   


3. निश्चयवाचक वाक्य से प्रश्नवाचक वाक्य में वाक्य परिवर्तन :


निश्चयवाचक वाक्य   प्रश्नवाचक वाक्य
महाराणा प्रताप का नाम सब ने सुन रखा है।   महाराणा प्रताप का नाम किसने नहीं सुना ? 
यह एक अनुकरणीय उदाहरण है।  क्या यह अनुकरणीय उदाहरण नहीं है ?
प्यासे को मिठाई खिलाने से कोई लाभ नहीं है।   प्यासे को मिठाई खिलाने से क्या लाभ ?  
डॉक्टर वर्मा जैसे अध्यापक अब नहीं रहे।  डॉक्टर वर्मा जैसे अध्यापक अब कहाँ है ?
कन्याकुमारी के सूर्योदय और सूर्यास्त का वर्णन कोई नहीं कर सकता।  कन्याकुमारी के सूर्योदय और सूर्यास्त का वर्णन कौन कर सकता है ? 
अब तुम बिलकुल अच्छे हो गए हो।  क्या अब तुम बिलकुल अच्चे हो गए हो ?  
तुम्हारी माँ यहाँ नहीं है।   तुम्हारी माँ यहाँ कहाँ है ?
आपकी सहायता के बिना हम कुछ नहीं कर सकते थे।   आपकी सहायता के बिना हम क्या कर सकते थे ? 
मैंने सब काम कर लिया है।      मुझे क्या करना शेष है ?
अपनी अनुपस्थिति का कारण बताओ।  तुम्हारी अनुपस्थिति का क्या कारण है ?
इन नेताओ और स्वतंत्राप्राप्ति के पहले के नेताओ की कोई तुलना नहीं हो सकती।  इन नेताओ और स्वतंत्राप्राप्ति के पहले के नेताओ में क्या तुलना हो सकती है ?
तुम्हारे पड़ोस में कलह मच जाने का कारण बताओ।  तुम्हारे पड़ोस में कलह क्यों मच गयी थी ?
यदि विलम्ब हो जाए तो कोई बात नहीं।  यदि विलम्ब हो जाए तो क्या बात हो जाएगी ?
तुम्हारा काम किसी न किसी तरह हो गया।  तुम्हारा काम कैसे हो गया ?
तुम्हारी चाबी मेरे पास नहीं है।  मेरे पास तुम्हारी चाबी कहाँ है ? 
किसी आशा नहीं की जा सकती।  किससे आशा की जाए ?

4. प्रश्नवाचक वाक्य से निश्चयवाचक वाक्य में वाक्य परिवर्तन :-


प्रश्नवाचक वाक्य   निश्चयवाचक वाक्य
आप क्या बालू से तेल निकाल सकते है ?   आप बालू से तेल नहीं निकल सकते। 
हम हार गए तो क्या हो जाएगा ? हम हार गए  तो कुछ होगा नहीं। 
बात करने का क्या यही तरीका है ?  बात करने का यह तरीका नहीं है। 
आप क्या जाने पहाड़ का मज़ा ? आप पहाड़ का मज़ा नहीं जानते है। 
मोर नाचते किसने नहीं देखा है ? मोर को नाचते सबने देखा है। 
कौन ऐसा कृतघ्न होगा जो आपके उपकारों को भुला दे ? कोई ऐसा कृतघ्न नहीं हो सकता जो आपके उपकारों को भुला दे। 
ऐसा उपन्यास पढ़ने में क्यों समय नष्ट किया जाए ? ऐसा उपन्यास पढ़ने में समय नष्ट करना मूर्खता है। 
क्या इस तरह के गंदे कपड़े पहन कर स्कूल जाया जाता है ?  इस तरह के गंदे कपड़े पहन कर स्कूल नहीं जाया जाता। 
क्या हो जाएगा जो हम समय पर न पहुंचे ? हम समय पर न पहुंचे तो कुछ होने वाला नहीं है। 
क्या आग के बिना धुआँ हो सकता है ? आग के बिना धुआँ नहीं हो सकता। 
वहां कहाँ चला गया है ? उसके चले जाने का ठिकाना ज्ञात नहीं है। 
क्या तुम आज ही जाओगे ? शायद तुम आज नहीं जाओगे ?
आपकी छुट्टी का क्या हुआ ? आपकी छुट्टी का कुछ पता नहीं है। 
क्या तुम खा रहे हो ?  लगता है कि तुम कुछ नहीं खा रहे। 
परीक्षाफल कब तक मिलेगा ?देखिए परीक्षाफल कब मिलेगा। 

5. विस्मयबोधक वाक्य से विधि वाक्य में वाक्य परिवर्तन :-


विस्मयबोधक वाक्य   विधि वाक्य
काश कि मैं जवान होता !   मैं चाहता हूँ कि मैं जवान होता। 
कितना सुन्दर दृश्य ! यह बहुत ही सुंदर दृश्य है। 
सिंह भी कितना विचित्र जीव है!  सिंह बहुत विचित्र जीवों में है।  
क्या बढ़िया तरीका है तलवार भाँजने का ! तलवार भाँजने का इससे बढ़िया तरीका नहीं है। 
एकांतवास का क्या कहना !
एकांतवास का मज़ा अवर्णनीय है। 
पाप ! महापाप ! घोर पाप हो गया। 
अहा ! कैसे सुहावने बादल हैं।  सुहावने बादलों को देखकर आनंद आ रहा है।  
हैं ! तुम फेल हो गए ! 
मुझे तुम्हारे फेल होने से आश्चर्य हो रहा है। 
ये क्या उसने ऐसा कर दिया ! विश्वास नहीं होता कि उसने ऐसा कर दिया।  
इतना क्रूर ! वह अत्यंत क्रूर है। 
क्या मैं भूल कर रहा हूँ! मैं तो भूल नहीं कर रहा। 
शाबाश ! हम तुम्हे शाबाशी देते है। 
क्या करूँ , कहाँ जाऊँ! मैं लाचार और बेघर हो गया।  
बहुत अच्छे ! मुझे आपकी बात स्वीकार्य है। 
हाँ हाँ , सब ठीक !
हम आपकी बात का अनुमोदन करते है। 


हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद! इसमें आपको  अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन  के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है। 
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